राजकीयकृत एसपीडी उवि हरिहरपुर में जागरूकता शिविर का आयोजन



सदास्मृत आशुतोष रंजन

प्रियरंजन सिन्हा
बिंदास न्यूज, गढ़वा


गढ़वा : जिलांतर्गत हरिहरपुर पुलिस की ओर से स्कूली बच्चों को कानून, सुरक्षा और सामाजिक सरोकारों के प्रति जागरूक करने का लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में गुरुवार को हरिहरपुर ओपी क्षेत्र अंतर्गत राजकीयकृत शंकर प्रताप देव उच्च विद्यालय, हरिहरपुर में एक दिवसीय विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में ओपी प्रभारी परवेज आलम ने अध्यापकों, छात्र-छात्राओं और ग्रामीणों को विभिन्न सामाजिक बुराइयों, यातायात नियमों और साइबर अपराध से बचाव के उपायों की जानकारी दी। ओपी प्रभारी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि कानून की जानकारी प्रत्येक नागरिक के लिए जरूरी है। जागरूकता के अभाव में कई बार लोग अपराध या सामाजिक कुरीतियों का शिकार हो जाते हैं। उन्होंने बाल विवाह को गंभीर सामाजिक बुराई बताते हुए इसके कानूनी प्रावधानों और स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों की जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों से बाल विवाह का विरोध करने तथा अपने आसपास ऐसी स्थिति सामने आने पर जिम्मेदार लोगों को इसकी सूचना देने की अपील की। कार्यक्रम में डायन-बिसाही जैसी कुप्रथा और अंधविश्वास के खिलाफ भी विद्यार्थियों को जागरूक किया गया। ओपी प्रभारी ने कहा कि किसी महिला को डायन बताकर प्रताड़ित करना कानूनन अपराध है। अंधविश्वास के नाम पर किसी के साथ हिंसा या दुर्व्यवहार करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने विद्यार्थियों से वैज्ञानिक सोच अपनाने और समाज में फैली कुरीतियों के खिलाफ लोगों को जागरूक करने का आह्वान किया। सड़क सुरक्षा पर विशेष जोर देते हुए उन्होंने कहा कि हेलमेट और सीटबेल्ट पुलिस से बचने के लिए नहीं, बल्कि अपनी जिंदगी बचाने के लिए लगाएं। सड़क दुर्घटनाओं में कई बहुमूल्य जानें केवल यातायात नियमों की अनदेखी के कारण चली जाती हैं। उन्होंने निर्धारित गति सीमा का पालन करने, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग नहीं करने और यातायात नियमों का पालन करने की अपील की। साथ ही अभिभावकों को किशोर बच्चों को वाहन नहीं देने की सख्त हिदायत दी।

साइबर अपराध से बचाव के लिए भी विद्यार्थियों को महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर अपराध के तरीकों से सावधान रहने, अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने और किसी के साथ ओटीपी, बैंक विवरण या निजी जानकारी साझा नहीं करने की सलाह दी गई। साइबर ठगी होने पर तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने तथा एनसीआरपी पोर्टल के माध्यम से शिकायत करने की प्रक्रिया समझाई गई। इसके अलावा एनडीपीएस एक्ट, खाता फ्रीज होने की स्थिति में एमआरएम और जीआरएम की भूमिका तथा न्यायालय के माध्यम से ठगी की राशि वापस प्राप्त करने की विधिक प्रक्रिया की भी जानकारी दी गई। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को कानून के प्रति जागरूक रहने के साथ-साथ अपने परिवार और समाज को भी सुरक्षित बनाने का संदेश दिया गया। इस अवसर पर विद्यालय के सभी विद्यार्थी, शिक्षक एवं ग्रामीण उपस्थित रहे। जागरूकता कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को यह संदेश दिया कि सतर्क नागरिक ही सुरक्षित समाज का निर्माण कर सकते हैं।