हरिहरपुर के 3करोड़ी अस्पताल में डॉक्टर सहित कोई संसाधन नहीं होने से लोग थे गुस्से में

जेन्ट्स व लेडीज डॉक्टर के साथ ऑक्सीजन, एंबुलेंस, दवाओं व सभी संसाधन की डीसी से मांग की

व्यवस्था नहीं हुई तो दी आंदोलन की चेतावनी



सदास्मृत आशुतोष रंजन

प्रियरंजन सिन्हा
बिंदास न्यूज, गढ़वा


गढ़वा : जिलांतर्गत कांडी प्रखंड के हरिहरपुर अस्पताल में गुरुवार को पोषक क्षेत्र के डगर गांव निवासी बबलू राम की पत्नी पुष्पा देवी को प्रसव हुआ। प्रसव के बाद जब नवजात शिशु की स्थिति बिगड़ने लगी तो अस्पताल में मौजूद नर्स ने ऐन मौके पर परिजनों से कहा कि बाहर जाकर ऑक्सीजन की व्यवस्था कीजिए। इस अस्पताल में न तो ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध था और न ही एम्बुलेंस। वहीं निकट में कहीं भी ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं था। बेबस परिजन जैसे-तैसे प्रसव के तुरंत बाद जच्चा-बच्चा को लेकर गढ़वा सदर अस्पताल की ओर भागे। गढ़वा पहुँचने पर डॉक्टरों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया और स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि बच्चे को हरिहरपुर अस्पताल में समय पर ऑक्सीजन मिल जाती तो उसकी जान बच सकती थी। इसी स्वास्थ्य सुविधा विहीन तीन करोड़ी हरिहरपुर अस्पताल की उपरोक्त दुखद घटना से आक्रोशित सैकड़ों लोगों ने शुक्रवार को स्वास्थ्य उपकेंद्र हरिहरपुर के समक्ष जोरदार धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान हाथों में तख्ती लिए लोग कुछ दूर तक नारा लगाते जुलूस के रूप में चले। पुन: रैली धरना प्रदर्शन में तब्दील हो गई। इस दौरान अस्पताल को सुविधा संपन्न बनाने को लेकर लोगों ने डीसी से मांग की। ग्रामीणों ने कहा कि प्रखंड अंतर्गत हरिहरपुर अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था अत्यंत दयनीय है। लगभग 25 वर्षों से क्षेत्र की जनता बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की उम्मीद लगाए बैठी है। लेकिन आज भी अस्पताल में डॉक्टर, एंबुलेंस, ऑक्सीजन जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है।

हरिहरपुर अस्पताल के आसपास लगभग 20,000 की आबादी निवास करती है। यह क्षेत्र कांडी प्रखंड मुख्यालय से 12 किमी की दूरी पर स्थित है। ऐसे में किसी व्यक्ति की तबीयत अचानक बिगड़ने, गर्भवती महिलाओं को प्रसव पीड़ा होने या किसी गंभीर दुर्घटना की स्थिति में समय पर इलाज नहीं मिल पाता है। कल एक बच्ची की मृत्यु हो जाने की घटना ने क्षेत्र की जनता को झकझोर कर रख दिया है। ऐसी परिस्थिति में गरीब और जरूरतमंद परिवारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने एक आवेदन के माध्यम से उपायुक्त से मांग की है कि हरिहरपुर अस्पताल में 24 घंटे डॉक्टर की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, कमसे कम एक महिला चिकित्सक की नियुक्ति की जाए। ताकि महिलाओं एवं गर्भवती माताओं के बेहतर देखभाल व इलाज की व्यवस्था हो सके। मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने एवं गंभीर मरीजों को उच्च चिकित्सा केंद्र तक ले जाने के लिए एंबुलेंस उपलब्ध कराई जाए। आपात कालीन स्थिति में मरीजों की जान बचाने के लिए ऑक्सीजन एवं आवश्यक जीवनरक्षक उपकरण व दवाएं उपलब्ध कराई जाएं। अस्पताल में पर्याप्त दवाइयां, जरूरी चिकित्सा उपकरण एवं आपातकालीन उपचार की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। कहा कि व्यापक जनहित एवं मानव जीवन की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उपरोक्त मांगों पर तत्काल संज्ञान लेकर हरिहरपुर अस्पताल में आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। यदि पीड़ित मानवता की जायज मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की जाती है तो हरिहरपुर सहित आसपास के सभी गांवों की ग्रामीण जनता जनहित में लोकतांत्रिक तरीके से सड़क पर उतरकर आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी। जिसकी जिम्मेदारी संबंधित विभाग एवं प्रशासन की होगी। आवेदन की प्रतिलिपि सिविल सर्जन-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, गढ़वा व प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, कांडी को भी दी गई है। इस मौके पर कांडी उत्तरी क्षेत्र संख्या 4 की जिला परिषद सदस्य सुषमा कुमारी के प्रतिनिधि दिनेश कुमार, भाजपा के हरिहरपुर मंडल अध्यक्ष संतोष कुमार सिंह सहित सैकड़ों लोग उपस्थित थे।