अस्पताल में पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव पर भड़के लोग

आक्रोशित लोगों ने अस्पताल में किया तोड़फोड़

रात 9 से 3 बजे तक चले हंगामा के बाद पुलिस ने शव को भेजा पोस्टमार्टम में



सदास्मृत आशुतोष रंजन

प्रियरंजन सिन्हा
बिंदास न्यूज, गढ़वा


गढ़वा : जिलांतर्गत प्रखंड मुख्यालय कांडी में बुधवार की देर शाम करीब 8:30 बजे कांडी-मोखापी सड़क पर पेट्रोल पंप के समीप सड़क दुर्घटना में कांडी निवासी सुदामा पासवान के 23 वर्षीय पुत्र मुकेश पासवान गंभीर रूप से घायल हो गया। जिसकी अस्पताल पहुंचने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। सूचना मिलते ही पत्नी निशा देवी, पुत्री माही 4 व छोटी 8 माह व परिजनों का रो रोकर बुरा हाल हो गया।

इधर हादसे की खबर मिलने पर कांडी थाना प्रभारी ऋषिकेश कुमार सिंह ने तत्परता दिखाते हुए घायल युवक को अपनी गाड़ी से कांडी अस्पताल पहुंचवाया। वहां डॉक्टर ऑन ड्यूटी डॉ एसपी सिन्हा ने जांच के बाद बेहतर इलाज के लिए उसे रेफर कर दिया। बताया जाता है कि इसी दौरान परिजनों ने घायल युवक को ऑक्सीजन लगाने की मांग की। डॉ ने एएनएम को ऑक्सीजन लगाने को बोला। तभी मरीज ने दम तोड़ दिया। लेकिन 108 एम्बुलेंस कर्मियों के हड़ताल पर रहने के कारण उनसे संपर्क नहीं हो सका। एंबुलेंस उपलब्ध नहीं होने के कारण मौजूद स्थानीय लोग काफी आक्रोशित हो गए। लोगों का गुस्सा भड़क उठा और अस्पताल में तोड़फोड़ शुरू कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर प्रखंड विकास पदाधिकारी सह अंचलाधिकारी राजेश कुमार भी अस्पताल पहुंचे और लोगों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया। हालांकि, आक्रोशित लोग उनकी बात सुनने को तैयार नहीं थे। प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस ने 6 घंटे तक काफी मशक्कत करते हुए भीड़ को नियंत्रित करने तथा स्थिति सामान्य करने का प्रयास किया। लेकिन भीड़ ने बीडीओ व थाना प्रभारी को भी नकार दिया। इस दौरान जिला परिषद प्रतिनिधि दिनेश कुमार ने अस्पताल की व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में डॉक्टर और सिविल सर्जन की घोर लापरवाही सामने आई है। अस्पताल की इमारत तो बन गई है। लेकिन वहां न तो बेहतर चिकित्सक उपलब्ध हैं और न ही पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाएं। उन्होंने कहा कि यदि अस्पताल में समुचित व्यवस्था होती तो शायद मुकेश पासवान की जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने स्थानीय विधायक, मंत्री और उपायुक्त से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही कहा कि कांडी प्रखंड में 16 पंचायत हैं। यहां डेढ़ लाख की आबादी निवास करती है। इतनी बड़ी आबादी के बावजूद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की बदहाल व्यवस्था चिंताजनक है। इसमें अविलंब सुधार होना चाहिए। वहीं कांडी मुखिया विजय राम ने कहा कि उन्होंने बीडीओ सह सीओ राजेश कुमार से बातचीत की है।बीडीओ ने उन्हें आश्वासन दिया है कि सरकार के प्रावधानों के तहत मृतक के परिजनों को मिलने वाली सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी। बीडीओ राजेश कुमार व थाना प्रभारी ऋषिकेश कुमार सिंह ने काफी सुझबूझ का परिचय देते हुए देर रात करीब 3:00 बजे तक स्थिति को संभालने का प्रयास किया। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल गढ़वा भेज दिया।

9 पर नेम्ड व 60 अज्ञात पर मुकदमा :- इधर हंगामा व तोड़फोड़ को लेकर कांडी थाना में 9 व्यक्तियों पर नामजद व 50 – 60 अज्ञात के विरूद्ध एफआईआर किया गया है। कांडी थाना कांड संख्या 122/26 को लेकर प्रभारी ऋषिकेश कुमार सिंह ने कहा कि पुलिस अग्रेतर कार्रवाई कर रही है।

घटना की रात में डॉक्टर ऑन ड्यूटी डॉक्टर एसपी सिन्हा ने कहा कि बेहद आक्रोशित भीड़ से लग रहा था कि जान नहीं बचेगी। संयोग से गार्ड ने बाहर निकल कर प्रशासन को सूचना दे दी। जिससे हम लोगों की जान बच गई। वरना हम लोग बुरी तरह से घिरे हुए थे। अस्पताल में जो व्यवस्था नहीं है उसके लिए यहां पर कार्यरत डॉक्टर या कर्मचारी दोषी नहीं हैं। जो संसाधन उपलब्ध है उसमें इलाज किया जाता है।

इस संबंध में बीडीओ राजेश कुमार ने कहा कि मामला काफी दुखद है। युवक की हेड इंजुरी के कारण अस्पताल पहुंचते ही कुछ मिनट के बाद मौत हो गई थी। उसके बाद की प्रतिक्रिया किसी भी तरह ठीक नहीं कही जाएगी।

थाना प्रभारी ऋषिकेश कुमार सिंह ने कहा कि उन्हें जैसे ही सूचना मिली अपनी गाड़ी से घायल युवक को अस्पताल भिजवाया। उसे गंभीर हेड इंजुरी थी। इसके इलाज की इधर कोई व्यवस्था नहीं है। जिस कारण वह अस्पताल पहुंचने के कुछ मिनट बाद ही दम तोड़ दिया। अगर वह हेलमेट पहने रहता तो यह घटना नहीं होती। उस पर कोई ध्यान नहीं देता। उल्टे जो मेडिकल की सुविधा यहां पर उपलब्ध है उसे भी तोड़फोड़ कर समाप्त किया जा रहा है। इस संबंध में अभी तक थाना को अस्पताल से कोई आवेदन नहीं मिला है।

तीन प्रखंडों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ गोविंद प्रसाद सेठ ने कहा कि घायल व्यक्ति अस्पताल पहुंचने के बाद कुछ ही मिनट में दम तोड़ दिया था। वैसी स्थिति में कोई कुछ नहीं कर सकता। रही एंबुलेंस की बात तो 108 एंबुलेंस वाले हड़ताल में हैं। मैंने सूचना मिलते ही दूसरा एंबुलेंस भेजा। उसे भी तोड़फोड़ दिया गया। अस्पताल में भी तोड़फोड़ की गई है। मैं कांडी अस्पताल जा रहा हूं। बाद में पूरी जानकारी दे सकता हूं।

जिला के मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी सिविल सर्जन डॉक्टर जॉन एफ कैनेडी ने कहा कि जिसने धक्का मार कर घटना को अंजाम दिया उसे कोई दोष नहीं देता। यहां इलाज करने वाले ही दोषी हो जाते हैं। कितनी व्यवस्था बनाकर कांडी अस्पताल को चलाया जा रहा है। इसके बाद भी लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा चाहिए तो उसके लिए सबको मिलजुल कर प्रयास करना चाहिए। जो सुविधा है उसे भी तोड़फोड़ कर बर्बाद कर दिया गया। अब अस्पताल कैसे काम करेगा। पूरी जानकारी लेने का प्रयास किया जा रहा है।