खबर का असर : यहां के 2 शिक्षकों का डेपूटेशन रद्दपर्याप्त शिक्षकों की पोस्टिंग सहित अन्य मांगों को लेकर डीसी के नाम दिया ज्ञापनसदास्मृत आशुतोष रंजनप्रियरंजन सिन्हाबिंदास न्यूज, गढ़वागढ़वा : जिला के कांडी प्रखंड क्षेत्र के उत्क्रमित उच्च विद्यालय रपुरा के छात्र-छात्राओं के द्वारा शिक्षकों की कमी के सवाल पर पूर्व निर्धारित आंदोलन को समझा बूझाकर तत्काल के लिए स्थगित करा दिया गया। कक्षा 9 एवं 10 के विद्यार्थियों के लिए स्कूल के अपग्रेड होने के बाद 4 वर्षों से एक भी शिक्षक नहीं होने के सवाल पर छात्र-छात्राओं ने 16 सितंबर से विद्यालय में तालाबंदी करके सड़क पर उतरने की घोषणा कर दी थी। इस आंदोलन को विद्यालय प्रबंधन समिति एवं अभिभावकों की भी सहमति प्राप्त थी। मालूम हो कि 1 से 10 तक के इस स्कूल में 504 विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं। प्राइमरी कक्षा 1 से 5 तक के लिए 1 सरकारी व 4 सहायक अध्यापक उपलब्ध हैं। 6 से 8 के 1 शिक्षक हैं जो प्रभारी एचएम हैं। जिन्हें पढ़ाने का प्रायः समय नहीं मिलता। 6 से 8 के 2 शिक्षक 2 साल से डेपूटेशन कराकर अन्यत्र चले गए हैं। जबकि कक्षा 9 व 10 के लिए 1 भी शिक्षक नहीं हैं। ऐसे में इन विद्यार्थियों की पढ़ाई चौपट हो रही है। इसी से आक्रोशित छात्र छात्राओं ने उग्र आंदोलन का निर्णय लिया था। कांडी हाई स्कूल के विद्यार्थियों की तर्ज पर इस प्रस्तावित आंदोलन की खबर को दैनिक भास्कर में प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबर का असर हुआ कि जिला शिक्षा पदाधिकारी ने एक दिन पूर्व 15 सितंबर को ही इस विद्यालय के दो प्रतिनियोजित शिक्षकों को उनका प्रतिनियोजन रद्द करके अपने मूल विद्यालय में योगदान देने का आदेश निर्गत कर दिया। इसके साथ ही एक और शिक्षक देने की सहमति व्यक्त की। इसे देखते हुए समाजसेवी देवेंद्र प्रजापति एवं अन्य अभिभावकों की उपस्थिति में विद्यार्थियों को समझा बूझकर शांत कराया गया। उन्हें कहा गया कि दो प्रतिनियोजित शिक्षकों का डेपुटेशन रद्द कर दिया गया। जिनमें से एक मनोज कुमार गुप्ता ने 16 सितंबर को योगदान दे दिया है। दूसरे मुकेश कुमार शुक्ला अगले दिन योगदान देंगे। इधर समाजसेवी देवेंद्र प्रजापति एवं अन्य अभिभावकों ने उपायुक्त को संबोधित आवेदन पत्र प्रधानाध्यापक उमाकांत को समर्पित किया। जिसमें उत्क्रमित उच्च विद्यालय, रपुरा में शिक्षकों एवं मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था तथा कंप्यूटर चोरी की घटना के उद्भेदन की मांग की गई है। कहा है कि उत्क्रमित उच्च विद्यालय, रपुरा में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने में कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। विद्यालय के हित एवं छात्र-छात्राओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए विद्यालय में हाई स्कूल स्तर के लिए आवश्यक विषयों के पर्याप्त शिक्षकों की नियुक्ति की जाए।विद्यालय की भूमि का सीमांकन कराकर चहारदीवारी का निर्माण कराया जाए। विद्यार्थियों की विज्ञान शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए विज्ञान के लैब शिक्षक की व्यवस्था की जाए। विद्यालय से चोरी हुए कंप्यूटरों की चोरी का शीघ्र उद्भेदन कर दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाए तथा चोरी गए सामान की बरामदगी कराई जाए। विद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए पर्याप्त संख्या में सीसीटीवी कैमरे लगवाए जाएं। इस मौके पर देवेंद्र कुमार प्रजापति, डॉ राम कृष्णा राम, एचएम उमाकांत तिवारी, राजन कुमार, विजय चंद्रवंशी, सुरेन्द्र पासवान, बीरबल यादव, विजय कुमार व अन्य लोग उपस्थित थे। Post navigation शिक्षा व्यवस्था में लापरवाही पर उपायुक्त सख्त, खराब प्रदर्शन पर स्पष्टीकरण व वेतन रोकने का निर्देश शिक्षा के साथ अवसर एवं ज्ञान के साथ आत्मविश्वास प्रदान करना विश्वविद्यालय की महत्वपूर्ण सामाजिक जिम्मेदारी : राज्यपाल