गढ़वा में स्थापित होगी पद्मभूषण दिशोम गुरु शिबू सोरेन की प्रतिमागढ़वा में मनाई गई दिशोम गुरु की प्रथम पुण्यतिथि, श्रद्धांजलि सभा व सर्वधर्म प्रार्थना सभा का आयोजनगरीबों के बीच वस्त्र व फल वितरण, 50 यूनिट किया गया रक्तदानसदास्मृत आशुतोष रंजनप्रियरंजन सिन्हाबिंदास न्यूज, गढ़वागढ़वा : झारखंड मुक्ति मोर्चा गढ़वा के तत्वावधान में मंगलवार को पद्मभूषण दिशोम गुरु शिबू सोरेन की प्रथम पुण्यतिथि मनाई गई। इस दौरान कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। शहर के कल्याणपुर स्थित बिरसा मुंडा हेलीपैड पार्क में श्रद्धांजलि सभा व सर्वधर्म प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। इस दौरान हिंदू, मुस्लिम, सिख, इसाई, बौद्ध एवं सरना धर्म के लोगों ने सर्वधर्म प्रार्थना सभा का आयोजन किया। झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री झामुमो के केंद्रीय महासचिव मिथिलेश कुमार ठाकुर ने दिशोम गुरु की तस्वीर पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। पुण्यतिथि के मौके पर सर्वधर्म प्रार्थना सभा, श्रद्धांजलि सभा का आयोजन सहित पूर्व मंत्री श्री ठाकुर के गढ़वा स्थित अपने आवास पर रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। साथ ही उन्होंने गरीबों के बीच वस्त्र वितरण भोजन, सदर अस्पताल में मरीजों के बीच फल वितरण किया। इस दौरान श्री ठाकुर ने विभिन्न धर्म गुरुओं एवं झारखंड आंदोलनकारियों को माला पहना कर, बुके व अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया। पुण्यतिथि के मौके पर जिले के सभी प्रखंडों में गरीबों के बीच वस्त्र वितरण एवं फल वितरण किया गया। इस दौरान पूर्व मंत्री श्री ठाकुर, भवनाथपुर विधायक सहित अन्य लगों ने भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। पुण्यतिथि पर आयोजित रक्तदान शिविर में झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर की पत्नी चंचला ठाकुर सहित 50 लोगों ने रक्तदान किया। मौके पर पूर्व मत्री श्री ठाकुर ने कहा कि झारखंड के निर्माता, दलितों, शोषितों को हक दिलाने वाले महानायक पद्मभूषण दिशोम गुरु शिबू सोरेन की प्रथम पुण्यतिथि गढ़वा के बिरसा मुंडा हेलीपैड पार्क में मनाई जा रही है। बहुत जल्द ही इसी पार्क में दिशोम गुरु की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। उन्होंने कहा कि गुरुजी ने कभी सत्ता की राजनीति नहीं किया। वे हमेशा झारखंडियों के हक व अधिकार की रजनीति करते थे। गुरुजी ने झारखंडियों को राह दिखाया। वे समाज सुधारक के रूप में भी जाने जाते हैं। श्री ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार ने दिशोम गुरु को देश का तीसरा सबसे बड़ा पुरस्कार पद्म भूषण दिया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार यदि ईमानदारी पूर्वक विचार करती तो इन्हें सर्वोच्च पुरस्कार भारत रत्न मिलना चाहिए था। श्री ठाकुर ने केंद्र सरकार से शिबू सोरेन को भारत रत्न देने की मांग भी की। श्री ठाकुर ने कह कि गुरुजी ने 13 वर्ष की उम्र से ही महाजनी प्रथा के विरुद्ध आवाज बुलंद की और वे अंतिम दम तक शिक्षा, खेती किसानी व नशा मुक्ति के लिए जागरूकता चलाते रहे। गुरुजी ने अपने प्रथम मुख्यमंत्रीत्व काल में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। जिसका सीधा लाभ झारखंडियों को मिला। मौके पर मुख्य रूप से भवनाथपुर विधायक अनंत प्रताप देव, झामुमो जिला अध्यक्ष शंभू राम, सचिन शरीफ अंसारी, रेखा चौबे, शांति देवी, जवाहर पासवान, ताहिर अंसारी, मनोज ठाकुर, मेदिनी खान, अंजलि गुप्ता, राजकिशोर यादव, नितेश सिंह, चन्दन जायसवाल, तुलसी सिंह खरवार, श्रवण सिंह खऱवार, मुक्तेश्वर पाण्डेय, संजय कांस्यकार, श्रवण सिंह छोटू, ओम प्रकाश गुप्ता, निशांत चतुर्वेदी, सभी प्रखंड अध्यक्ष, वर्ग संगठन के सभी पदाधिकारी, नगर परिषद पदाधिकारी आशीष अग्रवाल, वसीम खान, प्रवक्ता सुजीत चंद्रवंशी, रंथा नायक, राजा सिंह, प्रियम सिंह, दिलीप गुप्ता, जितेंद्र सिन्हा, बडू गुप्ता, मिन्हाज खान सहित काफी संख्या में कार्यकर्त्ता उपस्थित थे । Post navigation अक्टूबर 2027 तक पूरा हो जाएगा मंडल डैम व नहर प्रणाली का कार्य बिरसा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत जागरूकता रथ को उपायुक्त ने दिखाई हरी झंडी