सिर्फ ₹1 टोकन प्रीमियम में फसल सुरक्षा का सुनहरा अवसर, जिले के प्रत्येक प्रखंड एवं पंचायत तक पहुंचेगा जागरूकता रथसदास्मृत आशुतोष रंजनप्रियरंजन सिन्हाबिंदास न्यूज, गढ़वागढ़वा : झारखण्ड सरकार द्वारा किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बिरसा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (B-PMFBY) का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। इसी क्रम में गढ़वा समाहरणालय परिसर से उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी पशुपति नाथ मिश्रा ने किसानों को योजना की जानकारी देने एवं अधिकाधिक किसानों को फसल बीमा से जोड़ने के उद्देश्य से जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।इस अवसर पर उपायुक्त ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं, असामान्य वर्षा, सूखा, बाढ़, ओलावृष्टि, कीट एवं रोगों जैसी परिस्थितियों से किसानों की फसलों को होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए बिरसा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना एक अत्यंत महत्वपूर्ण एवं लाभकारी योजना है। उन्होंने जिले के सभी किसानों से अपील की कि वे इस योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाते हुए अपनी फसलों का समय पर बीमा अवश्य कराएं, ताकि किसी भी प्राकृतिक आपदा की स्थिति में उन्हें आर्थिक सुरक्षा प्राप्त हो सके।उन्होंने बताया कि विभागीय पत्र के माध्यम से झारखण्ड राज्य में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार की प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को बिरसा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के नाम से वित्तीय वर्ष 2024-25 से पुनः लागू किया गया है। राज्य मंत्रिपरिषद की स्वीकृति, योजना के दिशा-निर्देश, PMFBY Guidelines-2023 तथा राज्य स्तरीय फसल बीमा समन्वय समिति (SLCCCI) के निर्णय के आलोक में राज्य के सभी 24 जिलों में खरीफ 2026 के लिए अगहनी धान एवं भदई मक्का तथा रबी 2026-27 के लिए गेहूँ, आलू, राई-सरसों एवं चना फसलों को अधिसूचित किया गया है।उपायुक्त ने कहा कि जागरूकता रथ जिले के सभी प्रखंडों एवं पंचायतों में भ्रमण कर किसानों को योजना के लाभ, पात्रता, आवेदन प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज तथा फसल क्षति की सूचना देने की प्रक्रिया के संबंध में विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराएगा। इसके माध्यम से किसानों के बीच जागरूकता बढ़ेगी तथा अधिक से अधिक कृषक योजना से जुड़ सकेंगे।गढ़वा जिले में 1,12,998 किसानों को योजना से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए 70,926 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र को बीमा के दायरे में लाने का लक्ष्य रखा गया है। अब तक 6,230 किसानों द्वारा अपनी फसलों का बीमा कराया जा चुका है। जिला प्रशासन ने शेष किसानों से भी शीघ्र बीमा कराने की अपील की है।योजना की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि किसानों को केवल ₹1 टोकन प्रीमियम का भुगतान करना है। इसके अतिरिक्त किसानों से किसी भी प्रकार का अतिरिक्त बीमा प्रीमियम या शुल्क नहीं लिया जाएगा। शेष प्रीमियम राशि का वहन सरकार द्वारा किया जाएगा, जिससे किसानों पर आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा।फसल बीमा कराने के लिए किसानों को निम्नलिखित आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे—* आधार कार्ड की छायाप्रति* बैंक पासबुक की छायाप्रति* भूमि स्वामित्व संबंधी प्रमाण-पत्र एवं वंशावली* बटाईदार होने की स्थिति में बटाई प्रमाण-पत्र* फसल बुवाई का स्व-सत्यापित प्रमाण-पत्र* सक्रिय मोबाइल नंबरकिसान अपने नजदीकी बैंक, सहकारी बैंक, कॉमन सर्विस सेंटर (CSC), बीमा कंपनी के कार्यालय अथवा PMFBY पोर्टल (www.pmfby.gov.in) एवं क्रॉप इंश्योरेंस ऐप के माध्यम से भी फसल बीमा करा सकते हैं तथा योजना से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।यदि किसी किसान की फसल प्राकृतिक आपदा अथवा अन्य अधिसूचित कारणों से प्रभावित होती है, तो वे समयबद्ध तरीके से भारत सरकार के कृषि रक्षक पोर्टल हेल्पलाइन नंबर 14447, संबंधित बैंक शाखा, कृषि/सहकारिता विभाग कार्यालय अथवा क्रॉप इंश्योरेंस ऐप के माध्यम से फसल क्षति की सूचना दर्ज करा सकते हैं, ताकि निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार दावा का निष्पादन किया जा सके।जिला प्रशासन ने सभी किसानों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि की प्रतीक्षा न करते हुए समय रहते अपनी अधिसूचित फसलों का बीमा कराएं तथा इस जनहितकारी योजना का अधिकतम लाभ उठाएं। प्रशासन का लक्ष्य है कि जिले का प्रत्येक पात्र किसान फसल बीमा योजना से आच्छादित हो और प्राकृतिक आपदाओं के समय आर्थिक रूप से सुरक्षित रह सके।इस अवसर पर उप विकास आयुक्त प्रेमलता मुर्मू, अपर समाहर्ता विकास कुमार राय, जिला सहकारिता पदाधिकारी नीलम कुमारी, सीएससी मैनेजर मनीष कुमार, कौशल किशोर,एआरसीएस के प्रतिनिधि सुनील कुमार, एसबीआई जनरल इंश्योरेंस के प्रतिनिधि सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे। Post navigation गुरुजी सत्ता की नहीं झारखंडियों के हक की राजनीति करते थे : मिथिलेश ठाकुर दिशोम गुरू की जीवनी प्रारंभिक एवं इंटरमीडिएट के पाठ्यक्रम में शामिल करने की मांग