720 में लाए 606 नंबर व 8322 ऑल इंडिया रैंक, गांव व इलाके में भारी खुशीमाता, पिता, दादी व चाचा आदि खुशी से फूले नहीं समा रहेसदास्मृत आशुतोष रंजनप्रियरंजन, भास्करबिंदास न्यूज, गढ़वागढ़वा : राह में पर्वत पड़े तो हौसले से तोड़ दो, रोकती हो राह दरिया तो धार उसकी मोड़ दो – इसे सच कर दिखाया है प्रखंड क्षेत्र के अधौरा गांव निवासी अविनाश श्रीवास्तव के पुत्र आयुष श्रीवास्तव ने। आयुष ने नीट यूजी की अखिल भारतीय प्रतियोगिता परीक्षा में बेहतर सफलता प्राप्त की है। इस सफलता के आधार पर उसे अच्छे सरकारी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस में एडमिशन की अर्हता प्राप्त हो गई है। आयुष ने नीट यूजी 2026 की परीक्षा में 8322 ऑल इंडिया रैंक हासिल किया है। उसने इस परीक्षा के कुल अंक 720 में से 606 अंक हासिल कर उत्कृष्ट सफलता अर्जित की है। उसकी जन्मभूमि अधौरा एवं कांडी प्रखंड को परम पिछड़े क्षेत्र के रूप में जाना जाता है। इस धरती से निकलकर आयुष की सफलता की खबर पाकर लोग फूले नहीं समा रहे। गांव सहित पूरे इलाके में खुशी का माहौल है। 2026 नीट यूजी की सफलता पर लोग आयुष को बधाइयां दे रहे हैं। आयुष पिता अविनाश श्रीवास्तव एवं माता अमृता श्रीवास्तव का एकलौता पुत्र है। जबकि इकलौती पुत्री आस्था हाई स्कूल की पढ़ाई कर रही है। आयुष ने के बी किंडरगार्टन पब्लिक स्कूल डिबुलगंज में कक्षा एलकेजी से कक्षा 7 तक शिक्षा ग्रहण किया है। जबकि डीएवी अनपरा से इसी वर्ष आईएससी में अच्छी सफलता प्राप्त की। वहीं आयुष ने बिना किसी कोचिंग ट्यूशन के सेल्फ स्टडी से 2026 की नीट यूजी की परीक्षा एक ही बार में अच्छे नंबरो से उत्तीर्ण कर सरकारी मेडिकल कॉलेज मे अपना दाखिला सुनिश्चित कर लिया। डीएवी अनपरा के प्राचार्य ने एक लिखित प्रमाण पत्र में कहा कि आयुष ने अपनी मेहनत, लगन, माता पिता और गुरु की प्रेरणा से उनकी आकांक्षाओं पर खरा उतरकर मेरे स्कूल के उत्साहवर्धन की कड़ी में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। आयुष इस सफलता के लिए तुम्हें हृदय के अंतः करण से विद्यालय परिवार की तरफ से तुम्हारे उज्जवल भविष्य की कामना की जाती है। आयुष ने अपने किसान बाबा स्व बसंत प्रसाद सिन्हा, दादी शकुंतला देवी, चाचा सुशील, नवीन व सुबोध की उम्मीदों पर खरा उतरते हुए अपने गांव अधौरा, प्रखंड कांडी व गढ़वा जिला का नाम रौशन किया है। आयुष ने बेहतर सफलता का टिप्स देते हुए कहा कि लक्ष्य निर्धारित करके पूर्ण मनोयोग से मेहनत करने के बाद निश्चित रूप से सफलता प्राप्त होती है। कहा कि सब समय का खेल है। आपने टाइम मैनेजमेंट कर लिया तो फिर आपको सफल होने से कोई रोक नहीं सकता। Post navigation 10 वर्षों से हाईस्कूल के बच्चों को पढ़ा रहे प्राइमरी टीचर अपनी व सरकारी जमीन होते हुए भी राप्रावि सबुआ के बच्चों को एक अदद रास्ता नसीब नहीं