हेडमास्टर को यहां से हटाए जाने से आंदोलित विद्यार्थियों ने कई घंटों तक कर दिया सड़क जामप्रखंड से थाना तक कर दिया ब्लॉक, तख्ती लिए मलय सिंह को वापस लाओ लगा रहे थे नाराडेपूटेशन रद्द कर डीईओ ने पुन: मलय सिंह को कांडी में कर दिया डिपूट*खुश हुए छात्रसदास्मृत आशुतोष रंजनप्रियरंजन सिन्हाबिंदास न्यूज, गढ़वागढ़वा : वर्षों तक विद्यालय में अव्यवस्था को झेल रहे छात्रों का आखिर में संयम जवाब दे गया। उन्होंने गुरुवार को स्कूल खुलते ही संगठित हो स्कूल के गेट में ताला बंद किया और हजारों की संख्या में सड़क पर उतर गए। वे हाथों में तख्ती लिए लगातार मलय सर को वापस लाओ, विद्यालय में व्यवस्था बहाल करो के नारे लगा रहे थे। सैकड़ो की संख्या में पब्लिक के सामने मानों दिल्ली एवं रांची का छात्र आंदोलन साकार हो गया था। क्योंकि उग्र छात्र छात्राएं किसी की सुनने के लिए तैयार नहीं थे। वह सड़क पर खड़े होकर नारेबाजी नहीं कर रहे थे बल्कि प्रखंड कार्यालय से थाना तक की दौड़ लगा रहे थे। इस बीच में विद्यालय के गेट पर एवं सड़कों पर भी बैठकर अपने प्रबल विरोध का प्रदर्शन किया। मालूम हो कि कड़ा अनुशासन, काफी अच्छी पढ़ाई एवं उत्तम परीक्षा फल के लिए विख्यात स्कूल अपनी गरिमा खो चुका था। यहां शिक्षकों का अभाव, बाहरी हस्तक्षेप, क्लास का खाली जाना, शौचालय एवं पेयजल की व्यवस्था का अभाव, कमरों का घोर अभाव आदि झेलते झेलते छात्र परेशान हो चुके थे। इस बीच करीब ढाई तीन महीने पहले मलय कुमार सिंह का जमा दो उच्च विद्यालय कांडी में डेपुटेशन करते हुए उन्हें विद्यालय का प्रभारी बनाया गया। अपने छोटे कार्यकाल में उन्होंने सबसे पहले अनुशासन पर ध्यान दिया। साथ ही पढ़ाई को रेगुलर कर दिया। इस दरमियान बड़े क्लास के शिक्षक जो छोटे कक्षा में नहीं जाते थे वह भी सभी वर्गों में पढ़ाई करने लगे। बावजूद इसके यहां 17 विषय वार शिक्षकों की कमी बनी रही। इस बीच कोढ़ में खाज की तरह यहां के 6 शिक्षकों का अन्यत्र डेपुटेशन कर दिया गया था। जिसमें विज्ञान, गणित, अंग्रेजी जैसे विषयों के शिक्षक शामिल हैं। इन विषयों की पढ़ाई अति आवश्यक है। वरना बच्चों की प्रगति शून्य हो सकती है। ऐसी स्थिति में प्रभारी प्रधानाध्यापक मलय कुमार सिंह ने इस विद्यालय से वेतन लेकर अन्य विद्यालयों में पढ़ाई कर रहे शिक्षकों को वापस लाने की प्रक्रिया प्रारंभ की। इसके लिए विभागीय उच्च अधिकारियों को लिखा एवं मिलकर अनुरोध किया। इसका प्रतिफल यह हुआ कि डीईओ के पत्रांक 1093 दिनांक 7 जुलाई 2026 के अनुसार चार शिक्षकों का डेपुटेशन रद्द कर मूल विद्यालय में वापस किया गया। लेकिन इनमें से दो शिक्षकों ने योगदान ही नहीं दिया और जिन्होंने योगदान दिया उनमें से एक को छोड़कर शेष शिक्षकों का 25 दिन बाद 3 अगस्त 2026 को पुन: उनकी सुविधा के अनुसार डेपुटेशन कर दिया गया। इस परिस्थिति में मलय कुमार सिंह ने झारखंड सरकार के शिक्षा सचिव एवं माध्यमिक शिक्षा निदेशक को पूरे विवरण के साथ पत्र लिख दिया। बस यही गड़बड़ हो गया। लगे हाथ डेपुटेशन रद्द करके उन्हें उनके मूल विद्यालय में वापस कर दिया गया। उन्होंने अपने मूल विद्यालय लवाही कला में योगदान भी दे दिया। इससे पहले 300 की संख्या में विद्यार्थी गढ़वा जाकर उपायुक्त से मिलकर अपनी व्यथा बयान कर चुके थे कि मलय सर को यहीं रहने दिया जाए। उसके बाद डीएसई को जांच में भी भेजा गया। लेकिन मामला ज्यों का त्यों रह गया। मलाय सिंह के जाने की खबर ने दुर्दशा झेल रहे विद्यार्थियों के आग में घी का काम किया। बस गुरुवार को कांडी दिल्ली और रांची में तब्दील हो गई। इसकी सूचना प्रशासनिक माध्यम से जिला मुख्यालय भी पहुंची। इसके बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी के पत्रांक 1360 दिनांक 13 अगस्त 2026 के अनुसार अगले आदेश तक मलय कुमार सिंह को लवाही कला हाई स्कूल से विरमित होकर जमा दो उच्च विद्यालय कांडी में योगदान देने एवं प्रभारी प्रधानाध्यापक का प्रभार लेने का निर्देश दिया गया। गर्मजोशी से किया स्वागत: लवाही कला उवि से विरमित होकर कांडी हाईस्कूल के निकट पहुंचते ही छात्रों ने मलय कुमार सिंह का बेहद गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। छात्र उन्हें गोद में उठाकर नारा लगाते हुए स्कूल तक लेकर गए। किसी शिक्षक के लिए गढ़वा जिला ही नहीं पूरे झारखंड में यह अपने तरह का एकलौता आंदोलन रहा। ऐसा और कहीं नहीं हुआ।न जाने क्यों मुझे विधायक से जोड़कर क्यों देखा जाता है: लौटने पर मीडिया से बात करते हुए मलय सिंह ने कहा कि ना जाने मुझे विधायक जी से क्यों जोड़कर देखा जाता है। जबकि इसमें कोई सच्चाई नहीं है। प्रखंड प्रमुख पिंकू पांडेय द्वारा कहे जाने कि यह सब किया धरा स्थानीय विधायक का है पूछे जाने पर वह स्थिति स्पष्ट कर रहे थे।प्रशासन ने लिया बहुत संयम से काम : बीडीओ: बीडीओ राकेश सहाय ने कहा कि उग्र रूप धारण किए विद्यार्थियों के हुजूम ने प्रखंड कार्यालय व थाना गेट पर हमला कर दिया। उन्होंने प्रखंड कार्यालय के एक कमरे का दरवाजा तोड़ दिया। जबकि एक लैपटॉप भी पटककर तोड़ दिया। थाना के पास पहुंचे छात्रों ने थाना गेट पर पथराव कर दिया। जिसमें एक पुलिसकर्मी घायल हो गया। उस समय उनके पास कांडी थाना प्रभारी मो अशफाक आलम, बरडीहा थाना प्रभारी ऋषिकेश कुमार व हरिहरपुर ओपी प्रभारी नसीम अंसारी सदल बल उपस्थित थे। बावजूद इसके प्रशासन ने बहुत संयम से काम लिया। Post navigation नूपुर होटल से माँ गढ़देवी मंदिर तक नवनिर्मित नाली एवं सड़क का हुआ भव्य उद्घाटन अस्तित्व की लड़ाई के लिए उलगुलान होगा : मिथिलेश ठाकुर