नारायणपुर खेत पर से डूबी फसल व भीम बराज तथा सुंडीपुर पुल पर से नदियों के जलस्तर को निकट से देखाबीडीओ/सीओ को क्षति का आकलन कर रिपोर्ट भेजने व पीड़ित किसानों को आवेदन देने का दिया निर्देश, कहा मिलेगी क्षतिपूर्तिसदास्मृत आशुतोष रंजन प्रियरंजन सिन्हाबिंदास न्यूज, गढ़वा गढ़वा : भारी बारिश और सोन नदी के बढ़े जलस्तर के कारण पंडी नदी की बाढ़ से मची तबाही का जायजा लेने डीसी पीएन मिश्रा खेतों पर पहुंचे। उन्होंने पानी नीचे डूबी फसल की मेंड़ पर खड़े होकर किसानों की तबाही को निकट से देखा। उन्होंने मौके पर मौजूद किसानों, पंचायत प्रतिनिधियों व अधिकारियों से भी जानकारी ली। डीसी ने कांडी सीओ को बर्बादी का आकलन कराकर भेजने की बात कही। ताकि किसानों को यथासंभव क्षतिपूर्ति दी जा सके। किसानों की इस तरह की दुर्दशा प्राय: हर वर्ष होती है। जो मीडिया के माध्यम से सुर्खियां बनता है। पीड़ित किसान भी गुहार लगाते हैं। लेकिन इतनी जल्दी तत्काल मुआयना करने खुद अपने से डीसी नहीं आते हैं। इस बार जिला के प्रशासनिक प्रमुख के खेतों पर आने से उम्मीद जगी है कि उनके नुकसान की भरपाई हो पाएगी। कांडी प्रखंड के दर्जनों गांवों में धान की फसल जलमग्न होकर बर्बाद हो गई है। बुधवार को गढ़वा के उपायुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा ने कांडी प्रखंड क्षेत्र का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने सबसे पहले क्षेत्र के भीम बराज पुल का निरीक्षण किया। इसके बाद कोयल नदी पर स्थित सुंडीपुर पुल का जायजा लिया तथा नारायणपुर पुलिया के समीप जलमग्न खेतों में धान की फसल की स्थिति देखी। उपायुक्त के निरीक्षण के दौरान नारायणपुर, चोका, बलियारी, बरवाडीह, सोनपुरा सहित आसपास के कई गांवों के किसानों ने अपनी फसल क्षति की जानकारी दी। किसानों ने बताया कि पंडी नदी के तेज बहाव और बारिश का पानी खेतों में जमा रहने के कारण धान की फसल को भारी नुकसान हुआ है। लंबे समय तक पानी जमा रहने से खेतों में लगी फसल बर्बाद होने की स्थिति में पहुंच गई है।किसानों की समस्याएं सुनने के बाद उपायुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा ने भरोसा दिलाया कि भारी बारिश और जलभराव से फसल क्षति झेलने वाले किसानों को चिन्हित कर नियमानुसार मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उन्होंने प्रभावित किसानों से कहा कि वे अपनी फसल क्षति का आवेदन अंचल कार्यालय में जमा करें। ताकि क्षति का सत्यापन कर आवश्यक कार्रवाई की जा सके। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को भी प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेकर किसानों की क्षति का आकलन करने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान जलभराव की समस्या को लेकर नेशनल कांग्रेस वर्कर्स कमेटी के स्टेट सेक्रेटरी गौरी शंकर दुबे ने उपायुक्त के समक्ष महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया। कहा कि नारायणपुर सहित सोन नदी की ओर पानी जाने वाले कई स्थानों पर बनी पुलिया और सड़क की ऊंचाई खेतों के स्तर से अधिक है। इसके कारण खेतों में जमा पानी आसानी से सोन नदी की ओर वापस नहीं जा पा रहा है। उन्होंने उपायुक्त से इस समस्या का स्थायी समाधान कराने तथा संबंधित विभाग से जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की। इस पर उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को समस्या से अवगत कराने और आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया। प्रमुख पिंकू पांडेय व प्रखंड मुखिया संघ के अध्यक्ष अमित दुबे भी मौजूद रहे। दोनों जनप्रतिनिधियों ने क्षेत्र में जलभराव और किसानों की फसल क्षति की स्थिति से उपायुक्त को अवगत कराया तथा प्रभावित किसानों के लिए शीघ्र राहत एवं मुआवजा उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर जोर दिया। क्षेत्र के किसानों का कहना है कि इस बार बारिश के साथ नदी के बढ़े जलस्तर ने खेती को भारी नुकसान पहुंचाया है। ऐसे में प्रशासन द्वारा फसल क्षति का शीघ्र सर्वे कराकर किसानों को सरकारी प्रावधान के तहत मुआवजा उपलब्ध कराया जाना जरूरी है। निरीक्षण के दौरान एसी विकास राय, बीडीओ राकेश सहाय, मझिआंव बीडीओ कनक, कार्यपालक पदाधिकारी शैलेश कुमार, थाना प्रभारी असफाक आलम तथा बलियारी पंचायत के मुखिया पुरुषोत्तम कुमार समेत अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद थे। Post navigation उपायुक्त की अध्यक्षता में सभी तकनीकी पदाधिकारियों एवं जिला योजना, DMFT, Untied Fund, PHED, Welfare, Aspirational District Fund की समीक्षा बैठक संपन्न गढ़वा में मतदाता सूची से छेड़छाड़ का गंभीर मामला उजागर