7 सितंबर को कांडी में गरजेगा जेएमएमधीरज दुबे का केंद्र पर बड़ा हमलाझारखंड के हक का पैसा रोककर हेमंत सरकार को कमजोर करने की कोशिश7 को 16 पंचायतों की महिलाएं उतरेंगी मैदान में’सदास्मृत आशुतोष रंजनप्रियरंजन सिन्हाबिंदास न्यूज, गढ़वागढ़वा : झारखंड की सियासत में मंईयां सम्मान योजना को लेकर एक बार फिर राजनीतिक तापमान बढ़ने लगा है। केंद्र और राज्य के बीच आर्थिक अधिकारों को लेकर चल रही खींचतान के बीच झामुमो के आधिकारिक युवा प्रवक्ता सह केंद्रीय समिति सदस्य धीरज दुबे ने कांडी में केंद्र सरकार और भाजपा पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने साफ कहा कि मंईयां सम्मान योजना को किसी भी कीमत पर बंद नहीं होने दिया जाएगा और झारखंड के अधिकारों के लिए सड़क से सदन तक संघर्ष जारी रहेगा। धीरज दुबे ने रविवार को इमामुद्दीन खान के आवास पर आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों के कारण झारखंड को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा द्वारा पारित खान एवं खनन संशोधन विधेयक के चलते झारखंड सरकार को सालाना लगभग 15 हजार करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान होने जा रहा है।‘₹15 हजार करोड़ से चलती हैं कई योजनाएं’जेएमएम नेता ने कहा कि राज्य के पास उपलब्ध राजस्व का इस्तेमाल केवल एक योजना में नहीं, बल्कि महिलाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य, विकास और आधारभूत संरचना समेत विभिन्न जनकल्याणकारी कार्यों में किया जाता है। उन्होंने कहा कि इसी आर्थिक संसाधन से राज्य सरकार महिलाओं को मंईयां सम्मान योजना के तहत प्रतिमाह ₹2,500 देने का काम कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार झारखंड के आर्थिक संसाधनों पर अंकुश लगाने का प्रयास कर रही है। इससे राज्य की विकास योजनाओं और मंईयां सम्मान योजना पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है।भाजपा पर साधा निशानाधीरज दुबे ने भाजपा पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि भाजपा नहीं चाहती कि हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली झारखंड सरकार सुचारू रूप से काम करे। उन्होंने कहा कि राज्य के हिस्से का पैसा रोके जाने से सरकार के सामने विकास कार्यों को गति देने में परेशानी खड़ी हो सकती है। उन्होंने कहा कि झारखंड के लोगों के अधिकारों और राज्य के आर्थिक हितों की रक्षा के लिए पार्टी चुप नहीं बैठेगी। केंद्र की नीतियों के खिलाफ अब आंदोलन को गांव-गांव तक ले जाने की तैयारी है।16 पंचायतों की महिलाओं को आंदोलन में जोड़ने की तैयारीजेएमएम नेता ने कहा कि कांडी प्रखंड की सभी 16 पंचायतों में मंईयां सम्मान योजना का लाभ लेने वाली महिलाओं को आंदोलन से जोड़ा जाएगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से पंचायत स्तर पर संपर्क अभियान चलाने की अपील करते हुए कहा कि महिलाओं के सम्मान और अधिकार की इस लड़ाई में बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे। उन्होंने दो टूक कहा कि “मंईयां सम्मान योजना बंद नहीं होने देंगे।” इसी संकल्प के साथ पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक 7 सितंबर को कांडी प्रखंड मुख्यालय पहुंचेंगे।7 सितंबर को प्रखंड मुख्यालय पर धरनाधीरज दुबे ने घोषणा की कि केंद्र सरकार की नीतियों और खान एवं खनन संशोधन विधेयक के विरोध में 7 सितंबर, सोमवार को कांडी प्रखंड मुख्यालय पर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं एवं मंईयां सम्मान योजना की लाभुक महिलाओं से बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन सिर्फ किसी एक योजना तक सीमित नहीं है, बल्कि झारखंड के अधिकार, राजस्व और विकास के संसाधनों की लड़ाई है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आंदोलन को सफल बनाने के लिए पूरी ताकत झोंकने का आह्वान किया।बैठक में दर्जनों कार्यकर्ता रहे मौजूदबैठक में झामुमो प्रखंड अध्यक्ष मुन्ना ठाकुर, अंजनी सिंह, इमामुद्दीन खान, प्रमोद कुमार, सूर्य देव पाल समेत दर्जनों कार्यकर्ता एवं समर्थक मौजूद रहे। बैठक के दौरान आगामी धरना-प्रदर्शन को सफल बनाने तथा अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने को लेकर रणनीति पर चर्चा की गई। अब निगाहें 7 सितंबर पर टिक गई हैं। कांडी प्रखंड मुख्यालय पर प्रस्तावित जेएमएम का धरना कितना बड़ा राजनीतिक संदेश देता है और 16 पंचायतों की महिलाओं की इसमें कितनी भागीदारी होती है, यह देखने वाली बात होगी। Post navigation खान एवं खनिज संशोधन विधेयक 2026 के खिलाफ झामुमो करेगा जोरदार जनांदोलन