स्वास्थ्य, शिक्षा एवं प्रशासनिक व्यवस्था का लिया जायजा, लापरवाही पर सख्त कार्रवाई के दिए निर्देशSIR-2026 अभियान की समीक्षा, निर्धारित समय सीमा में शत-प्रतिशत कार्य पूर्ण करने के निर्देशसदास्मृत आशुतोष रंजनप्रियरंजन सिन्हाबिंदास न्यूज, गढ़वागढ़वा : उपायुक्त सह जिला दण्डाधिकारी पशुपति नाथ मिश्रा ने जिले के भंडरिया एवं बड़गड़ प्रखंड का व्यापक क्षेत्र भ्रमण कर स्वास्थ्य, शिक्षा, विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR-2026) तथा प्रशासनिक व्यवस्थाओं का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ गुणवत्तापूर्ण सेवा सुनिश्चित करें।उपायुक्त ने स्वास्थ्य संस्थानों में मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने, विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं आवासीय व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाए रखने तथा प्रखंड कार्यालयों में सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का पारदर्शी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।सीएचसी भंडरिया का औचक निरीक्षण, मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के निर्देशक्षेत्र भ्रमण के दौरान उपायुक्त ने सर्वप्रथम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) भंडरिया का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल के प्रत्येक कक्ष का निरीक्षण कर मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की विस्तृत जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों से संवाद करते हुए कहा कि अस्पताल आने वाला प्रत्येक मरीज गुणवत्तापूर्ण इलाज एवं मानवीय व्यवहार का अधिकारी है। उन्होंने सभी कर्मियों को अपने दायित्वों का ईमानदारीपूर्वक निर्वहन करने तथा सेवा भावना के साथ कार्य करने का निर्देश दिया।निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने उपस्थिति पंजी, स्टॉक रजिस्टर, औषधि उपलब्धता, चलंत चिकित्सा वाहनों सहित विभिन्न अभिलेखों की जांच की। उन्होंने अस्पताल में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने तथा किसी भी प्रकार की समस्या का समाधान आपसी समन्वय से करने पर बल दिया।निरीक्षण के दौरान चिकित्सकों ने अस्पताल में पेयजल की समस्या से उपायुक्त को अवगत कराया। इस पर उन्होंने पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता को बोरिंग करने का निर्देश दिया।उपायुक्त ने अस्पताल परिसर में उपस्थित स्थानीय लोगों से भी सीधा संवाद किया तथा अस्पताल में मिलने वाली सुविधाओं एवं सेवाओं के संबंध में उनकी राय जानी। ग्रामीणों द्वारा बताई गई समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को त्वरित समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए तथा प्रत्येक मरीज को समय पर उपचार उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।हाल ही में सीएचसी भंडरिया में चिकित्सकों के साथ सुरक्षा गार्ड द्वारा किए गए दुर्व्यवहार की घटना का भी उन्होंने संज्ञान लिया। उन्होंने बताया कि इस मामले में सिविल सर्जन द्वारा संबंधित गार्ड को हटाते हुए आवश्यक कार्रवाई की जा चुकी है तथा वर्तमान में अस्पताल में तीन सुरक्षा गार्ड कार्यरत हैं। उपायुक्त ने सभी चिकित्सकों एवं कर्मियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने तथा जनता की सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। साथ ही उन्होंने स्पष्ट कहा कि कार्य में बाधा उत्पन्न करने अथवा अनुशासनहीनता बरतने वाले दोषी कर्मियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।एकलव्य विद्यालय भंडरिया में शिक्षा,भोजन एवं आवासीय व्यवस्थाओं का लिया जायजाइसके उपरांत उपायुक्त ने एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय, भंडरिया का निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यालय की विभिन्न कक्षाओं का भ्रमण कर छात्र-छात्राओं से संवाद किया तथा उन्हें दी जा रही शिक्षा, भोजन, पेयजल, आवासीय एवं अन्य सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की।विद्यालय में वर्तमान में 115 छात्र एवं 118 छात्राएं अध्ययनरत हैं। निरीक्षण के दौरान विद्यालय की भोजन, पेयजल एवं आवासीय व्यवस्थाएं संतोषजनक एवं सुव्यवस्थित पाई गईं। उपायुक्त ने विद्यालय प्रबंधन की सराहना करते हुए कहा कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ सुरक्षित एवं प्रेरणादायी वातावरण उपलब्ध कराना अत्यंत आवश्यक है।उन्होंने विद्यालय प्रशासन को निर्देश दिया कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए अनुशासन, स्वच्छता, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तथा नियमित शैक्षणिक गतिविधियों पर विशेष ध्यान दिया जाए तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाए।निरीक्षण के दौरान जिला कल्याण पदाधिकारी धीरज प्रकाश, विद्यालय के प्राचार्य विक्रम कुमार राव एवं अकाउंटेंट विकास कुमार शर्मा उपस्थित रहे।भंडरिया एवं बड़गड़ प्रखंड कार्यालयों का निरीक्षण, योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन पर दिया जोरउपायुक्त ने भंडरिया प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रखंड विकास पदाधिकारी राकेश भूषण सिंह से कार्यालयीन कार्यों एवं विभिन्न सरकारी योजनाओं की प्रगति की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने निर्देश दिया कि सरकार की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभुकों तक पारदर्शिता एवं समयबद्ध तरीके से पहुंचना चाहिए।इसके बाद बड़गड़ प्रखंड के भ्रमण के दौरान उपायुक्त ने आयुष्मान आरोग्य मंदिर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में सभी स्वास्थ्य कर्मी अपने-अपने कार्यों में उपस्थित पाए गए, किंतु डॉ. कृष्ण कुमार अनुपस्थित मिले। जानकारी मिली कि वे 6 जुलाई के बाद से अस्पताल नहीं आए हैं। इस पर उपायुक्त ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित चिकित्सक के विरुद्ध विभाग को संसूचित करने का निर्देश दिया।स्थानीय ग्रामीणों ने अस्पताल में नियमित चिकित्सक की उपलब्धता, 24×7 स्वास्थ्य सेवा, एंबुलेंस सुविधा एवं सुरक्षा गार्ड की आवश्यकता से उपायुक्त को अवगत कराया। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को इन समस्याओं के समाधान हेतु आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया तथा सभी चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों को निर्धारित शिफ्ट के अनुसार 24 घंटे स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।इसके पश्चात उपायुक्त ने बड़गड़ प्रखंड कार्यालय का भी औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सभी अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित पाए गए तथा अपने कार्यों में संलग्न मिले। उन्होंने प्रखंड विकास पदाधिकारी राजीव कुमार से विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की तथा अबुआ आवास योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, मनरेगा सहित अन्य सभी योजनाओं का गुणवत्तापूर्ण एवं पारदर्शी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। SIR-2026 अभियान की समीक्षा, निर्धारित समय सीमा में शत-प्रतिशत कार्य पूर्ण करने के निर्देशभंडरिया एवं बड़गड़ प्रखंड कार्यालयों के निरीक्षण के दौरान उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी पशुपति नाथ मिश्रा ने जिले में संचालित विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR-2026) अभियान की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से अभियान की वर्तमान प्रगति की जानकारी प्राप्त करते हुए निर्देश दिया कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी कार्यों का शत-प्रतिशत एवं त्रुटिरहित निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि अभियान के प्रत्येक चरण की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही या त्रुटि की गुंजाइश न रहे।उपायुक्त ने अधिकारियों एवं कर्मियों को निर्देश दिया कि सभी कार्य पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप किए जाएं। उन्होंने आपसी समन्वय के साथ अभियान को सफल बनाने पर बल देते हुए कहा कि सभी संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी समयबद्ध तरीके से अपने दायित्वों का निर्वहन करें, ताकि निर्धारित लक्ष्य समय पर प्राप्त किया जा सके। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि अभियान के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की अनियमितता या शिथिलता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।जनसेवा सर्वोच्च प्राथमिकता, लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई : उपायुक्तनिरीक्षण के अंत में उपायुक्त पशुपति नाथ मिश्रा ने कहा कि जिला प्रशासन की प्राथमिकता आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तथा पारदर्शी प्रशासन उपलब्ध कराना है। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से टीम भावना के साथ कार्य करने, जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने तथा सरकार की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का आह्वान किया।उन्होंने दोहराया कि कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही, अनुशासनहीनता अथवा जनहित की उपेक्षा किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी। उत्कृष्ट कार्य करने वालों को प्रोत्साहित किया जाएगा, जबकि दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। Post navigation पीएमओ से प्रखंड कार्यालय तक मजदूर बस्ती जाने की एक अदद सड़क निर्माण की गुहार हुई बेअसर मेरा खून, मेरा सगा भी गलत करेेगा तो उसे बर्दाश्त नहीं करूंगा : मिथिलेश ठाकुर